जैसा की हम जानते हैं कि जब हम कोई लोन लेते हैं तो एक तय समय तक लोन की रकम का भूगतान मासिक किश्तों (EMI) के रुप में करते हैं. लेकिन मासिक किश्तों के अलावा भी आप एक मुश्त में ये रकम जमा कर के अपना लोन अकाउंट बंद करा सकते हैं. मान लिजिए की आपने 12 महीने का लोन करा रखा है, और तीन महीने के किश्त देने के बाद आप लोन की बाकी रकम चौथे महीने में हीं चुकाकर अपना लोन बंद करवाना चाहते हैं तो इसी को बैंकिंग के भाषा में लोन का फोरक्लोजर (loan foreclosure) कहते हैं.आसान भाषा में कहें तो फोरक्लोजर का मतलब-एक मुश्त सारी किश्तों का भूगतान कर लोन को समय से पहले बंद कराना.
तो आइए जानते हैं लोन को कैसे समय से पहले बंद करा सकते हैं
स्टेप 1- लोन को समय से पहले बंद कराने के लिए सबसे पहले ग्राहक को उस बैंक या फाइनेंस कंपनी में आवेदन करना होगा जिसमें ग्राहक का लोन अकाउंट है. ग्राहक को आवेदन के साथ लोन खाते का नंबर, पैन नंबर और पते की कॉपी लगानी होगी.
स्टेप 2- आवेदन के बाद बैंक बची हुई रकम को निकालेगा. अभी तक चुकाए गए ब्याज की रकम और फोरक्लोजर की तारीख को ध्यान में रखते हुए बैंक बकाया रकम की जानकारी ग्राहक को देगा. बकाया रकम को ग्राहक चेक या फिर ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए दे सकते हैं.
स्टेप 3- बकाया रकम प्राप्त करने के बाद बैंक फोरक्लोजर की औपचारिकता को पूरा करता है. तभी से ग्राहक के ईएमाई (EMI) को रोक दिया जाता है. उसके बाद 10-15 दिनों के भीतर ग्राहक के ओरिजनल डॉक्यूमेंट के साथ और भी कोई संबंधित डॉक्यूमेंट को लौटाया जाता है.
स्टेप 4- ओरिजनल डॉक्यूमेंट के अलावा ग्राहक नो ड्यूज सर्टिफिकेट बैंक से लेना ना भूलें. नो ड्यूज सर्टिफिकेट में चेक कर लें की सर्टिफिकेट में ग्राहक का नाम, पता के साथ इस बात का जिक्र हो कि ग्राहक पर अब कोई रकम बकाया नहीं है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
1) लोन बंद कराने से पहले जान लें कि आपका लोन टाईप क्या है. फ्लोटिंग रेट वाले लोन को समय से पहले बंद कराने पर कोई चार्ज नहीं लगता है वहीं फिक्सड रेट वाले लोन पर कुछ चार्ज लगता है. फोरक्लोजर पेमेंट में इन चार्ज को जोड़ा जाता है.
2) डॉक्यूमेंट चेकलीस्ट में इस बात की जांच करें कि सभी डॉक्यूमेंट आपको सही सलामत लौटाए गए हैं.
3) फोरक्लोजर के तुरंत बाद रेटिंग एजेंसियों को सूचित करें ताकि वे अपने रिकार्ड में आपकी लोन की जानकारी को अपडेट कर सकें.