खेती और ढ़ुलाई का बेस्ट साधान है यह मशीन, निर्माण कार्यों में भी इस मशीन की है खूब डिमांड

Facebook
Twitter
WhatsApp
Trailor attach with tractor.
ट्रेलर का चित्र.

भारत में कृषि और निर्माण कार्यों के बढ़ते विस्तार के साथ ट्रेलर की मांग लगातार बढ़ रही है. ट्रेलर गांव से लेकर शहर तक हर जगह किसानों और व्यवसायियों के लिए सहायक बन चुका है. चाहे खेत से उपज मंडी तक पहुंचानी हो या फिर निर्माण सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना हो, ट्रेलर आज एक अनिवार्य साधन बन गया है. किसान अपनी खेती में ढ़लाई का काम ट्रेलर की मदद से बेहद आसान और किफायती तरीके से कर ले रहे हैं. यही कारण है कि खेती में ट्रेलर का उपयोग काफी आम हो गया हैं. बता दें कि ट्रेलर को विभिन्न प्रकार के वाहनों के साथ जोडकर उपयोग में लाया जा सकता है. कृषि से साथ-साथ ट्रेलर की मांग निर्माण कार्यों में खूब हो रहा है. इसकी बहुपयोगिता के कारण ही मार्केट में ट्रेलर की मांग बढ़ते ही जा रही है. ऐसे में हमारे लिए जरुरी है कि ट्रेलर की विशेषता को जानकर इसका उपयोग विभिन्न कार्यों में कर सकें.

ट्रक या ट्रैक्टर से जोड़कर काम में आते हैं ट्रेलर

ट्रेलर दरअसल एक बिना इंजन का वाहन है जिसे ट्रैक्टर, ट्रक या किसी अन्य गाड़ी से जोड़ा जाता है. इसका मुख्य उपयोग माल ढुलाई में होता है. किसान अपने खेतों से अनाज, सब्जियां, गन्ना, पशुओं के चारे और अन्य उत्पाद ट्रेलर के जरिए आसानी से ढोते हैं. वहीं निर्माण क्षेत्र में ईंट, रेत, सीमेंट और लोहा जैसी भारी सामग्री को ले जाने के लिए भी ट्रेलर सबसे अधिक उपयोगी साबित होता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह एक बार में बड़ी मात्रा में सामान ढो सकता है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है.

ट्रेलर के विभिन्न प्रकार

भारत में ट्रेलर कई प्रकार के उपलब्ध हैं. इनमें सामान्य कृषि ट्रेलर, हाइड्रोलिक ट्रेलर, डबल एक्सल ट्रेलर और टिपिंग ट्रेलर प्रमुख हैं. कृषि ट्रेलर किसानों के लिए सबसे अधिक उपयोगी होता है, जो आमतौर पर ट्रैक्टर से जुड़कर चलता है. हाइड्रोलिक और टिपिंग ट्रेलर उन किसानों और व्यवसायियों के लिए उपयुक्त हैं जिन्हें भारी सामान को आसानी से उतारना होता है, क्योंकि इनमें सामान खुद-ब-खुद ढलकर नीचे गिर जाता है. डबल एक्सल ट्रेलर लंबी दूरी की ढुलाई और ज्यादा वजन उठाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

मॉडल और क्षमता अनुसार होती है ट्रेलर की कीमत

जहां तक कीमत की बात है, भारत में ट्रेलर की कीमत उसकी क्षमता, आकार और मॉडल के आधार पर तय होती है. साधारण कृषि ट्रेलर 50,000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक उपलब्ध है. वहीं हाइड्रोलिक और टिपिंग ट्रेलर की कीमत 1.5 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक जाती है. बड़े और डबल एक्सल ट्रेलर, जो ज्यादा वजन उठाते हैं, उनकी कीमत 3 लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. किसानों और व्यवसायियों के बीच 5 टन से 10 टन क्षमता वाले ट्रेलर सबसे अधिक लोकप्रिय हैं, क्योंकि यह उनकी रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी कर देते हैं.

बता दें कि आज के समय में ट्रेलर खेती-बाड़ी, परिवहन और निर्माण कार्यों के लिए एक जरूरी साधन बन चुका है. यह न केवल किसानों का बोझ हल्का करता है बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है.

Leave a Reply

न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें

मखाना बोर्ड :-क्या है आगे की चुनौतियां ?

क्या है यूनिवर्सल पेंशन स्कीम

कॉलेज ड्रॉपआउट से अरबों डॉलर की कंपनी खड़ा करने की कहानी-

आज का चुनाव विभिन्न परिपेक्ष्य में

क्या होता है loan foreclosure , ऐसे बंद कराएं समय से पहले अपना लोन अकाउंट

ADVERTISEMENT

सिर्फ खबर पढ़ें.

ADVERTISEMENT

सिर्फ खबर पढ़ें.

ख़बर वाटिका
लॉगइन/अकाउंट बनाएं

आपकी गोपनीय जानकारी सुरक्षित है। आपका नंबर या ईमेल केवल अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Or Continue With

New to Khabar Vatika? Register Now!