कितनी भी पथरीली मिट्टी हो इस यंत्र से हो जाती है भुरभुरी, मात्र 15 हजार रुपए से शुरु होती है कीमत

Updated : Thu, Nov 20th, 2025 10:03 AM IST
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रोटावेटर.

खेती में सबसे महत्वपूर्ण और पहले की जाने वाली काम खेत को फसल के अनुकूल तैयार करना है. खेत अगर फसल के अनुकूल तैयार है तो इसका सीधा प्रभाव फसल के उपज पर पड़ता है. बता दें कि पहले किसान खेत को तैयार करने के लिए प्रारंभिक चरण में पारंपरिक हल का इस्तेमाल करते थें. लेकिन जब से खेती में मशीनों का प्रयोग का होना शुरु हुआ तब से किसान के लिए खेत को तैयार करना बहुत ही आसान हो गया साथ ही फसल की उपज भी बढ़ी. यही कारण है कि किसान ज्यादा से ज्यादा कृषि यंत्रों का प्रयोग का कर खेती करना चाहते है. बता दें कि इसी तरह का एक यंत्र रोटावेटर है जिसके प्रयोग से किसान खेत की जुताई बेहतरीन ढ़ंग से कर पा रहे हैं. ऐसे में किसान को चाहिए की वे इस यंत्र के विषय में पूरी जानकारी इकट्ठा कर खेती किसानी में इसका इस्तेमाल करें.

क्या होता है रोटावेटर

रोटावेटर खेती किसानी में प्रयोग किए जाने वाला एक उपयोगी यंत्र है. इस यंत्र का उपयोग हरी खाद बनाने में होता है. यह खेत की मिट्टी को भुरभुरी बनाने में उपयोगी है. इसका उपयोग गीली एवं सूखी दोनों तरह की भूमि को जोतने में किया जाता है. खासकर यह हल्की एवं मध्यम अवस्था वाली मिट्टी में चलने में पूर्ण सक्ष्म है. यह 10-15 सेमी गहराई तक की मिट्टी को मुलायम करने के लिए प्रयोग किया जाता है. इससे एक बार की लगभग 40-50 एचपी वाले ट्रैक्टर की पीटीओ द्वारा शक्ति दी जाती है. यह मशीन एक बार में ही मिट्टी को भुरभुरी और बुवाई के योग्य बना देती है. इस यंत्र के पीछे मिट्टी को समतल करने के लिए एक लेवलर भी लगा रहता है जिससे मिट्टी भुरभुरी और समतल हो जाती है. जहां तक रोटावेटर की कार्यक्षमता की बात है इसकी क्षमता 0.40 हेक्टेयर प्रति घंटा है और एक दिन में लगभग 1.5 से 2.0 हेक्टेयर खेत की एक बार में जुताई की जा सकती है. बता दें कि रोटावेटर को रोटरी टिलर भी कहा जाता है. रोटावेटर कल्टीवेटर, डिस्क हैरो और लेवलर की जगह लेने वाला एक बेहतरीन और किफायती कृषि यंत्र है.

रोटावेटर के प्रकार

रोटावेटर सामान्य रुप से तीन प्रकार होते हैं. इनका इस्तेमाल खेत की आकार और निवेश की क्षमता पर निर्भर करता है. जैसे की ग्राउंड टिलर का प्रयोग फूलों की क्यारी में मिट्टी की जुताई के लिए किया जाता है. मध्यम ड्यूटी रोटावेटर का इस्तेमाल आमतौर पर बगीचे में मिट्टी की जुताई के लिए किया जाता है. ये ग्राउंड टिलर से ज्यादा टिकाऊ होते हैं. वहीं हेवी ड्यूटी रोटावेटर की बात करें तो ये सबसे भारी और सबसे शक्तिशाली होते हैं. ये खेती के लिए जमीन के बड़े हिस्से को तैयार करने में उपयोगी होते हैं. यह मशीन खासकर मुश्किल और पथरीली जमीन वाले खेत में ज्यादा उपयोगी है.

रोटावेटर की ब्रांड और कीमत

मार्केट विभिन्न ब्रांड की रोटावेटर उपलब्ध है. जैसे की न्यू हॉलैंड रोटावेटर आरई 85, महिन्द्रा रोटावेटर 145, शक्तिमान रेगुलर आदि . इनकी कीमत क्षमता और कंपनी के मॉडल पर निर्भर करता है. सामान्य रुप से इसकी कीमत 15,000 रुपए से 2.5 लाख रुपए तक होते हैं.

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