यूरिया और पोटाश से कई गुना बेहतर है सरसों की खल्ली, जानें इस्तेमाल का सही तरीका

Facebook
Twitter
WhatsApp
कीटनाशक के प्रयोग में आता है सरसों की खल्ली.

खेती में प्रयोग हो रहे केमिकल उर्वरक और कीटनाशक मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदेह है. इसके लगातार और भारी मात्रा में प्रयोग करने से खेत बंजर हो सकती है. खेतों के साथ साथ इसका दुष्प्रभाव मानव जीवन पर भी पड़ता है. केमिकल उर्वरक की मदद से तैयार किया गया फसल मानव स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है. इसके सेवन से कई प्रकार के गंभीर बीमारी सामने आ रही है. इसीलिए कृषि एक्सपर्टस किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जानकार का मानना है कि जैविक खाद के प्रयोग से फसल की बढ़वार के साथ उसकी क्वालिटी भी बेहतर होती है. इसी कड़ी में जानकार बताते हैं कि केमिकल उर्वरक यूरिया और पोटास के जगह सरसों की खल्ली का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके इस्तेमाल से फसलों की बढ़वार अच्छी होगी, कल्ले की संख्या तेजी से बढ़ेगी और फसलों में कीटें कम आएंगी. ऐसे में किसान के लिए जरुरी है कि वे सरसों की खल्ली की विशेषता और इस्तेमाल के तरीके को अच्छे से जान लें.

पौष्टिक तत्वों और खनिजों का भंड़ार का सरसों की खल्ली-

फसल के विकास के लिए जिन जिन पौष्टीक तत्वों की जरुरत होती है वो सरसों की खल्ली में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है. यही कारण है कि केमिकल उर्वरक और कीटनाशक के जगह इसका इस्तेमाल करना फायदेमंद है. आपको बता दें कि सरसों की खल्ली पौष्टिक तत्व और खनिज का खजाना है. इसमें नाइट्रोजन, बोरॉन, सल्फर, जिंक, फास्फोरस और पोटाश जैसे मुख्य पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह सभी पोषक तत्व पौधों के विकास को बेहतर करने के लिए जरुरी हैं. सरसों की खल्ली के इस्तेमाल से फसल के दानों में चमक आती है. इसके इस्तेमाल से दानों की वजन भी बढ़ती है. जिससे फसल की अच्छी उत्पादन होती है.

इस्तेमाल करने का सही तरीका-

वैसे तो सरसों की खल्ली का इस्तेमाल पशु के आहार में भी किया जाता है. लेकिन खेती में केमिल उर्वरक और कीटनाशक का यह बेहतर विकल्प है. किसान इसे फसस रुपाई के पहले खेत में डाल सकते हैं. इसका बेहतर उपयोग करने के लिए किसान के खेत में पानी भरा होना चाहिए. इसके बाद 6-7 किलो सरसों की खल्ली को पीसकर या फिर महीन दानेदार कर इसे पानी भरे खेत में मिला दें. पानी से घूलने के बाद यह खल्ली का घोल मिट्टी में पूरे अंदर तक रिसता है जिससे फसलों के जड़ में जाकर उसे मजबूती प्रदान करता है. यही कारण है कि इसके इस्तेमाल से पौधें मजबूत होते हैं, इनका विकास तेजी से होता है और फसल की उत्पादन अच्छी होती है.

Leave a Reply

न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें

मखाना बोर्ड :-क्या है आगे की चुनौतियां ?

क्या है यूनिवर्सल पेंशन स्कीम

कॉलेज ड्रॉपआउट से अरबों डॉलर की कंपनी खड़ा करने की कहानी-

आज का चुनाव विभिन्न परिपेक्ष्य में

क्या होता है loan foreclosure , ऐसे बंद कराएं समय से पहले अपना लोन अकाउंट

ADVERTISEMENT

सिर्फ खबर पढ़ें.

ADVERTISEMENT

सिर्फ खबर पढ़ें.

ख़बर वाटिका
लॉगइन/अकाउंट बनाएं

आपकी गोपनीय जानकारी सुरक्षित है। आपका नंबर या ईमेल केवल अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Or Continue With

New to Khabar Vatika? Register Now!