किसान पारंपरिक खेती छोड़कर आय के अन्य साधनों की तलाश में रहते हैं. कुछ किसान पशुपालन करते हैं तो कुछ किसान खेती में ही नए- नए तरह के प्रयोग करते हैं. यही कारण है कि किसान अब परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जियां उगाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं. इन सब्जियों में जैसे लौकी, कद्दू, खीरा, झींगा, टमाटर, फूल गोभी, आदि शामिल हैं. इसके अलावा किसान के लिए हरी मिर्च की खेती फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि मार्केट में इसकी डिमांड हमेशा बनी रहती है. इसकी खेती कर किसान लाखों रुपए मुनाफा कमा सकते हैं. ऐसे में किसान के लिए जरुरी है कि वे परंपरागत फसलों के अलावा मिर्च की खेती पर भी जोर दें.
कम लागत में होती है खेती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक किसान का कहना है कि मिर्च की खेती में सबसे बड़ी बात यह है कि मिर्च की खेती के लिए जगह की कम आवश्यकता पड़ती है. मिर्च की खेती छोटे और सीमांत किसान के लिए वरदान साबित हो रही है. किसान 10 कट्ठे खेत में मिर्च की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं. बता दें कि मिर्च की खेती में शुरुआत में 10-20 हजार रुपए आयी थी और अब किसान हर माह 10-15 हजार रुपए मुनाफा कमा रहे हैं.
मुनाफा का फंड़ा
सब्जी उगा रहे किसान कहते हैं कि पहले वे खुद फसल उगाते थें फिर छोटे स्तर पर उन्होंने सब्जी उगाना शुरु किया. मिर्च की फसल में बेहतर उत्पादन के साथ बेहतर मुनाफा होने लगा, इसीलिए वे अपने खेतों में बड़े पैमाने पर मिर्ची की खेती कर रहे हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे 10 हजार रुपए की लागत से 20 हजार रुपए की मुनाफा मिर्च की खेती कर आसानी से कमा ले रहे हैं. आगे उन्होंने कहा कि यहां के स्थानीय किसान अब मिर्च की खेती कर बढ़िया कमा ले रहे हैं. किसान कम जमीन पर लाखों रुपए तक की कमाई अर्जित कर रहे हैं.