पारंपरिक खेती से जब भरपूर मुनाफा नहीं होता है तो किसान आय का अतिरिक्त विकल्प तलाशने लगते हैं. कुछ किसान खेती के साथ पशुपालन का रास्ता अपनाते हैं तो कुछ पांरपरिक फसल के बदले सब्जियां या फल की खेती करते हैं. आजकल किसान इन सब्जियों का खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. इन सब्जियों में खीरा की खेती किसान के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि खीरे का डिमांड हमेशा बना रहता है. इसीलिए किसान को लगता है कि खीरे की खेती कर अच्छी कमाई की जा सकती है. ऐसे में जो किसान पारंपरिक फसल का विकल्प तलाश रहे हैं उनके लिए जरुरी है वे खीरे की खेती के बारे जानकारी इकट्ठा कर खीरे की खेती की शुरुआत करें और ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाएं.
स्वाद से भरपूर होता है देसी खीरा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक किसान का कहना है कि वे अन्य फसलों के साथ खीरे की भी खेती करते थें. लेकिन विगत दो सालों वे खीरे की खेती कर रहे हैं. वे बताते हैं कि उनके पास एक बीघे में देशी खीरा लगा हुआ है, जो फल देने लग है. ये अच्छे रेट में बिक रहा है. देशी खीरा हाइब्रिड खीरे के मुकाबले इसका स्वाद काफी अच्छा होता है और इसकी मांग भी मार्केट में अधिक है. बरसात में इसकी खेती करना थोड़ा कठीन है, क्योंकि इसके पेड़ के गलने का खतरा ज्यादा रहता है और पैदावार भी कम होती है.
क्या है मुनाफा का फंड़ा
किसान का कहना है कि बरसात के मौसम में खीरे की खेती मल्चिंग विधि से करते हैं. इस तकनीक से खेती करने से फसल की पैदावार भी अधिक होती है और जो फल होता है वह आकार में काफी बड़ा और अच्छा होता है. वहीं लागत की बात करें तो एक बीघे की खेती में करीब 15000 रुपए की लागत आती है. अगर खेती के दौरान सब कुछ सही रहा तो 60,000 से 70,000 रुपए तक मुनाफा कमाया जा सकता है.
खेती के बारे में किसान बताते हैं कि खीरे की खेती करना आसान है. खेती से पहले खेत की अच्छी से जुताई कर लेते हैं. फिर जैविक खाद्द का उपयोग कर खीरे की बुवाई करते हैं. बुवाई के करीब 35 से 40 दिनों के बाद फल निकलना शुरु हो जाता है, जो करीब डेढ़ से दो महीने तक फल निकलते रहता है.