नीली क्रांति की नई लहर, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना- समंदर से समृद्धि तक

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टूना मछली.

भारत के विशाल समुद्र तट, नदियाँ और तालाब केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि नीली संपदा का भंडार हैं. इन्हीं संसाधनों को आर्थिक शक्ति में बदलने के लिए केंद्र सरकार ने 2020 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की शुरुआत की. इस योजना का उद्देश्य है मछलीपालन को आधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़कर, किसानों और मछुआरों की आमदनी दोगुनी करना.

तालाब से थाली तक और समुद्र से बाजार तक यह योजना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, मार्केटिंग और निर्यात तक हर स्तर को सशक्त बना रही है. इसके तहत 5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है. इसमें बीज बैंक, कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट, मोबाइल फिश मार्केट जैसे नई तकनीक भी शामिल हैं.

PMMSY का लक्ष्य है-भारत को वैश्विक मत्स्य उत्पादन में शीर्ष पर पहुंचाना, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोलना.यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि नीली क्रांति 2.0 का शुभारंभ है जो समृद्धि लाएगी गहराई से, और टिकेगी सतह से ऊपर. अगर आप भी किसान हैं और आपकी रुचि मछली पालन में हैं तो यह खबर आपके लिए फायदेंमंद है. इस खबर में हम आपको प्रधानमंत्री मत्स्य योजना की संमपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं ताकि आप भी इस योजना का लाभ उठा पाएं.

योजना के लिए जरुरी पात्रता (Eligibility) –

आपको बता दें कि योजना के लिए कोई व्यक्ति, कंपनी, सामूहिक संगठन आदि पात्र हैं-

1) व्यक्तिगत लाभार्थी (Individual Beneficiaries)-

1. पारंपरिक और आधुनिक मछुआरे
2. मत्स्य किसान (Fish Farmers)
3. संवर्धनकर्ता (Fish Growers)
4. पशु-पालक किसान जो मत्स्यपालन में रुचि रखते है

2) सामूहिक संस्थाएं (Group Beneficiaries)-

1. एफएफपीओ (FFPOs) 
 2. कोऑपरेटिव्स (Co-operative Societies)
3. स्वयं सहायता समूह (SHGs)

3.प्राइवेट कंपनियां –

मत्स्यपालन आधारित स्टार्टअप
फिश प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, ट्रांसपोर्ट, कंसल्टेंसी में काम कर रहे उद्यम
  1. सरकारी/शैक्षणिक संस्थान-
    1. राज्य सरकारें
    2. अनुसंधान संस्थान
  2. विश्वविद्यालय/प्रशिक्षण संस्थान

लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया (Application Process)-

किसान भारत सरकार के मत्स्य विभाग के आधीकारिक बेवसाइट पर जाकर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.
https://pmmsy.dof.gov.in/

कुछ जरुरी कागजात-

1. आधार कार्ड
2. बैंक पासबुक
3. जमीन/पानी स्रोत प्रमाण

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के प्रमुख प्रावधान-

  1. योजना अवधि और बजट- योजना अवधि- वर्ष 2020–2025 (5 वर्ष)
    कुल निवेश-₹20,050 करोड़, जिसमें से केंद्र और राज्य सरकारों का साझा योगदान है.
  2. मुख्य उद्देश्य- भारत में नीली क्रांति (Blue Revolution 2.0) को बढ़ावा देना.
    मछली उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाना.
    रोजगार सृजन और किसानों/मछुआरों की आय दोगुनी करना.
    फिश वैल्यू चेन को मजबूत करना – उत्पादन से लेकर बाजार तक.
  3. मछली उत्पादन का लक्ष्य – 2024–25 तक मछली उत्पादन को 220 लाख टन तक पहुंचाना.
  4. इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट- कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट, फिश लैंडिंग सेंटर, हैचरी, फिश मार्केट, और प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना.
    इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क्स और सीवीड क्लस्टर विकसित करना.
  5. बीज गुणवत्ता और हैचरी विकास- मछली बीज (fingerlings) और ब्रूड स्टॉक की गुणवत्ता में सुधार हेतु सीड बैंक और हैचरी स्थापित करना.
  6. पशु पोषण और औषध प्रबंधन- उच्च गुणवत्ता वाले एक्वा फीड, फीड मिल्स, और मछलियों के लिए हर्बल दवाएं विकसित करना.
  7. पशु स्वास्थ्य प्रबंधन- डायग्नोस्टिक लैब्स और बीमारी निगरानी प्रणाली की स्थापना.
  8. सब्सिडी का प्रावधान-

इस योजना के तहत सरकार के द्वारा सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है. किसानों को 40%–60% सब्सिडी का प्रावधान (SC/ST/महिला/हिल/नॉर्थ ईस्ट क्षेत्रों के लिए उच्च दर). आपको बता दें कि सामान्य श्रेणी के किसान को 40 परसेंट, एससी और एससटी, महिला के लिए 60 परसेंट की सब्सिडी दी जाती है.

  1. फिशर फोक्स सुरक्षा-

बीमा योजनाएं, मौसम चेतावनी प्रणाली, और ट्रैकिंग डिवाइसेज की सुविधा.

  1. मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड (FFKCC)- ₹5 लाख तक लोन सुविधा, 7% ब्याज दर पर, ब्याज सब्सिडी के साथ.
  2. FPO और कोऑपरेटिव्स- Fish Farmer Producer Organizations (FFPOs) की स्थापना और ट्रेनिंग.
  3. नई तकनीक-
    e-NAM, ONDC जैसे प्लेटफार्म से फिश प्रोडक्ट्स की बिक्री.
    डिजिटल ट्रेसबिलिटी, स्मार्ट एक्वाकल्चर, ड्रोन सर्वे, मोबाइल ऐप्स का उपयोग.
  4. सीवीड और ऑर्नामेंटल फिश उत्पादन- समुद्री शैवाल(Algae) उत्पादन को बढ़ावा देना (लक्ष्य- 1.12 मिलियन टन तक).
    शौकिया मछलीपालन (ornamental fish) को ग्रामीण आजीविका से जोड़ना.
  5. एक्सपोर्ट और वैल्यू ए़़डिसन- मछली उत्पादों का प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना.
    खाद्य सुरक्षा मानकों (FSSAI, EU, USFDA)के अनुसार उत्पादन.
  6. मानव संसाधन विकास-

मछलीपालन ट्रेनिंग केंद्र, इंटर्नशिप, और सर्टिफाइड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के माध्यम से मानव संसाधन विकास करना.

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