इलाज के लिए कैशलेस और कैशलेस एवरीवेयर सुविधा मरिजों को काफी राहत पहुंचाती है. कैशलेस सुविधा के माध्यम से मरीज बिना भुगतान किए अस्पताल में इलाज करा सकता है. आपको बता दें कि हेल्थ इंश्योरेंस कम्पनियां विभिन्न अस्पतालों को अपने नेटवर्क में जोड़कर रखती है ताकि मरीज उन्हीं चिह्नित अस्पताल में जाकर इलाज की सेवा कैशलेस के जरिए बिना भुगतान किए ले सकता है. लेकिन कैशलेस एवरीवेयर के तहत मरीज अब किसी भी अस्पताल में बिना भुगतना किए इलाज कि सुविधा ले सकते हैं. इसका उद्देश्य वैसे अस्पतालों तक कैशलेस सुविधा का विस्तार करना है , जो बीमा कम्पनी के नेटवर्क में नहीं हो. हालांकि मरीजों को 48घंटे पहले या इमरजेंसी में 48 घंटे के भीतर बीमा कंपनियों को सूचित करना होगा.
कैशलेस सुविधा क्या है
इस सुविधा के तहत मरीज बिना भुगतान किए अस्पताल में भर्ती हो सकता है. अगर अस्पताल बीमा कंपनी के नेटवर्क में है, तो पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बीमा कंपनी मरीज के डिस्चार्ज होने पर सीधे अस्पताल को बिल का भुगतान करेगी. अगर किसी चिकित्सा प्रक्रिया के लिए चुना गया अस्पताल बीमा कंपनी के नेटवर्क में नहीं, तो कैशलेस सुविधा में दिक्कत हो सकती है. वहां मरीज को पहले पैसे जमा कराने पड़ सकते हैं और बाद में रिइम्बर्समेंट के लिए आवेदन करना होता है.
कैशलेस एवरीवेयर क्या है
मरीजों के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने 2024 में कैशलेस एवरीवेयर सुविधा शुरु की. इस सुविधा के अनुसार मरीज किसी भी अस्पताल में कैशलेस सेवा का विकल्प चुन सकता है, चाहे वह उसकी बीमा कंपनी के नेटवर्क का हिस्सा हो या नहीं हो. इसलिए मरीज के कैशलेस सेवा का लाभ उठाने के लिए अस्पताल और बीमाकर्ता के बीज गठजोड़ होना जरुरी नहीं है. हालांकि कैशलेस एवरीवेयर कुछ शर्तों के साथ है.
1)पॉलिसी होल्डर को भर्ती होने से कम से कम 48 घंटे पहले बीमा कंपनी को सूचित करना होगा.
2)इमरजेंसी में भर्ती होने के 48 घंटे भीतर बीमा कंपनी को सूचित करना होगा.
3)दावा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार होना चाहिए और कैशलेस सुविधा बीमा कंपनी के दिशानिर्देश के अनुसार होनी चाहिए.
आपको बता दें कि यदि आप हेल्थ इंश्योरेंस लेने का विचार बना रहे हैं तो बीमा कंपनियों के नियम व शर्तें की पड़ताल बेहतर तरीके से कर लें. खासकर कैशलेस सुविधा से जुड़ी सारी जानकारी को अच्छी तरह से समझ लें.