बरसात के बाद जैसे हीं सर्दियों के मौसम की आने की आहट होती है मूली की डिमांड बढ़ जाती है. सितंबर से लेकर फरवरी तक मूली की डिमांड मार्केट में बनी रहती है. किसान इस समय मूली की खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. बता दें कि मार्केट में मूली की विभिन्न किस्में उपलब्ध है. ऐसे में किसान के लिए जरुरी है कि वे मूली कि किस्मों के विषय में पर्याप्त जानकारी हासिल कर लें. जिससे उन्हें अपने जलवायु के अनुकूल मूली की खेती करने में मदद मिल सके.
मूली उत्पादन के लिए जलवायु-
मूली की खेती के लिए ठण्डी जलवायु उपयुक्त है. मूली की खेती के लिए 10-15 डिग्री सेलसियस तापमान की जरुरत होती है. वहीं मूली की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है लेकिन रेतीली दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए बेस्ट है. चूंकि मूली की डिमांड मार्केट में हमेशा बनी रहती है इसीलिए किसान इसकी खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं.
मूली की उन्नत किस्में-
मार्केट में विभिन्न प्रकार की मूली की किस्में उपलब्ध है. किसान मूली की इन उन्नत किस्मों की खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. मूली की कुछ उन्नत किस्मों इस प्रकार हैं.
- पूसा हिमानी
मूली की यह किस्म 1970 में विकसीत की गई थी. जड़ें करीब 30-35 सेंमी लम्बी, मोटी, तीखी, सफेद एवं टोपी हरे होते हैं. हल्का तीखा स्वाद एवं मीठा फ्लेवर, बोने के 50 से 60 दिन में परिपक्व हो जाती है. इसकी औसतन उपज 33 टन प्रति हेक्टयर होती है.
- पूसा रेशमी
मूली की यह किस्म पूरे भारत में उगाई जाती है. इसकी जड़ें करीब 30-35 सेंमी लम्बी, मोटी, तीखी, सफेद मोटी और तीखी होती है. यह भी लगभग 55-60 दिन में तैयार हो जाती है. इसकी औसतन उपज 32 टन प्रति हेक्टेयर होती है.
- पूसा चेतकी
पूरे भारत में उगाई जाने वाली इस किस्म को 1988 में विकसित की गई थी. यह सफेद मूसली, नरम और मुलायम होती है. इसकी जड़ें 15-22 सेंमी लम्बी, मोटी जड़ और 45 दिनों में तैयार होती है. इसकी औसतन उपज 250 कु्न्तल प्रति हेक्टेयर होती है.
- हिसार मूली
इस किस्म की मूली लंबी, मोटी और सफेद होती हैं जो स्वाद में मीठी और कुरकुरी होती है. यह किस्म अपनी उच्च उपज और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जाती है. ये किस्म अक्तूबर में बुवाई के लिए बेहतर है. 55-60 दिनों में ये तैयार हो जाती है. वहीं 450-500 क्विंटल तक उत्पादन देती है.
- कांशी हंस
मूली की यह किस्म नुकीली होती है. स्वाद की बात करें तो यह हल्की मीठी होती है. 45-50 दिनों में यह तैयार हो जाती है. 450-600 क्विंटल तक उत्पादन देती है. आप किसान राष्ट्रीय बीज निगम से ऑनलाइन मूली की उन्नत काशी हंस का बीज मंगवा सकते हैं.