टमाटर सालों भर डिमांड में रहने वाली सब्जी है. यह कम लागत और कम समय में तैयार हो जाता है. इसीलिए किसान को लगता है कि वे टमाटर की खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. सही मिट्टी, जलवायु और उन्नत तकनीकों का उपयोग करके किसान अपनी उपज और आय दोनों बढ़ा सकते हैं. उन्नत किस्मों का चयन, नर्सरी बेड की तैयारी और सिंचाई के उचित साधन से टमाटर की बंपर उत्पादन की जा सकती है. बता दें कि संकर नामक टमाटर की प्रजाति से 50-60 टन प्रति हेक्टेयर तक की उपज हासिल किया जा सकता है जिससे किसानों को लाखों रुपए की आमदनी आसानी से हो सकती है. ऐसे में जो भी किसान टमाटर की खेती करने की सोच रहे हैं तो उनके लिए बंपर पैदावार और अच्छी कमाई के लिए बेहतर प्रंबधन और उन्नत किस्म की बीजों का चुनाव करना आवश्यक है.
मिट्टी और जलवायु
टमाटर को कई तरहों की मिट्टी में उगाया जा सकता है.रेतीली से लेकर भारी मिट्टी तक में टमाटर को उगाया जा सकता है. परन्तु अच्छी जल निकासी वाली, रेतीली और लाल दोमट मिट्टी जिसमें कार्बनिक पदार्थ भरपूर मात्रा में हों और जिसका पीएच 6.0-7.0 हो टमाटर उगाने के लिए बेस्ट है. जलवायु की बात करें तो टमाटर एक गर्म मौसम की फसल है. 21-24 डिग्री सेल्सियस टमाटर के पैदावार के लिए आदर्श है. वहीं अधिक तापमान आमतौर पर 31 डिग्री से अधिक और कम तापमान 10 डिर्गी से कम इसके विकास के लिए प्रतिकूल होता है. बता दें कि पौधे पाले और हाई ह्यूमिडिटी को सहन नहीं कर सकते हैं. इसके लिए कम से मध्यम वर्षा की आवश्यकता होती है. फल लगने के समय तेज धूप गहरे लाल रंग के फल विकसित करने में मदद करती है.
नर्सरी बेड की तैयारी
टमाटर के बीजों को खेत में रोपाई के लिए पौध तैयार करने के लिए नर्सरी बेड पर बोया जाता है. 3बाई0.6 मीटर आकार और 10-15 सेमी ऊंचाई के उभरे हुए बेड तैयार किए जाते हैं. पानी देने, निराई-गुड़ाई आदि के लिए दो बेड के बीच लगभग 70 सेमी दूरी रखी जाती है. समतल और कम नमी वाले बेड पौध तैयार करने के लिए बेहतर होते हैं.
टमाटर की किस्में
- आईएआरआई द्वारा जारी : पूसा रोहिणी, पूसा सदाबहार, पूसा हाइब्रिड 8, पूसा हाइब्रिड 4, पूसा उपहार, पूसा हाइब्रिड 2, सिओक्स
- आईआईएचआर द्वारा जारी : अर्का विकास, अर्का सौरभ, अर्का मेघाली, अर्का आहुति, अर्का आशीष, अर्का आभा, अर्का आलोक, अर्का विशाल, अर्का वरदान, अर्का श्रेष्ठ, अर्का अभिजीत
- पीएयू द्वारा जारी : पी.बी. केसरी, पंजाब छुहारा, एस-12, सेल-152, पीएयू-2372,
- जीबीपीयूएटी, पंतनगर द्वारा जारी : पंत टी-10, एसी-238, पंत टी-3
- अन्य : एच-24, एच-86, पूसा अर्ली ड्वार्फ, सीओ-3, सीओ-1, बीटी-12,
मुनाफा का फंड़ा
अगर टमाटर की उन्नत बीज के चयन के साथ पौध तैयार से लेकर फसल के कटने तक सब कुछ ठीक रहा तो आमतौर पर उपज 20-25 टन प्रति हेक्टेयर तक होती है. वहीं संकर किस्म की टमाटर की उपज तो 50-60 टन प्रति हेक्टेयर होती है.