गेंदा के फूलों से लिखी किस्मत, कॉलेज छोड़ा, अब हर साल कमा रहे हैं करोड़ों रुपये

Facebook
Twitter
WhatsApp
गेंदा का फूल.

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलाघाट का एक युवा आज हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बन चुका है. कोलाघाट का यह नौजवान, जिसने कभी ₹3,500 महीने की नौकरी की थी, आज एक साल में ₹7 करोड़ की कमाई कर रहा है. वो भी फूलों की खेती से. इस नौजवान का नाम अरुप कुमार घोष है. अरूप कुमार घोष की यह कहानी न सिर्फ एक बिजनेसमैन किसान की है, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कम संसाधनों में भी बड़ा सोचते हैं.

एक सपना जो फूलों की खेत में खिला-

2010 में जब अरूप कुमार घोष ने कोलकाता यूनिवर्सिटी में कॉमर्स की पढ़ाई एक साल में ही छोड़ी, तब उनके पास न कोई स्पष्ट योजना थी और न ही संसाधन. लेकिन उनके आसपास की दुनिया, खासकर फूलों की मंडी, उन्हें हमेशा आकर्षित करती थी. कोलाघाट की फूल मंडी में खिलते गेंदे और गुलाब के फूलों को देख उन्होंने फ्लोरिकलचर (फूलों की खेती) में संभावनाएं तलाशनी शुरू की.

2011 में अरूप हैदराबाद चले गए, जहां गुडीमलकापुर फूल मंडी में उन्होंने एक दुकान पर काम करना शुरू किया. द बेटर इंडिया से बात करते वक्त अरुप बताते हैं की वे ₹3,500 प्रति महीने की सैलरी में वह सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक काम करते थे. वहीं पर उन्हें पता चला कि कोलाघाट से ही फूल हैदराबाद भेजे जाते हैं. यहीं से उनके मन में अपने गृहनगर लौटकर कुछ खुद का शुरू करने का बीज पड़ा.

पहला कदम और शुरुआती संघर्ष-

2011 के अंत में अरूप ने दो बीघा जमीन लीज पर लेकर गेंदा फूल उगाना शुरू किया. शुरुआती निवेश केवल ₹12,000 का था जिसमें बीज, ट्रांसपोर्ट और सिंचाई की लागत शामिल थी. हालांकि, स्थानीय बीजों से उगाए गए फूल छोटे और कमजोर थे. बिक्री में घाटा होने लगा, लेकिन अरूप ने हार नहीं मानी.

थाईलैंड में मिली सफलता के बीज-

फूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए अरूप ने थाईलैंड की यात्रा की. वहां उन्होंने छह महीने तक बैंकॉक के ब्लॉसम मार्केट में रहकर ट्रेनिंग ली और ‘टेनिस बॉल गेंदा’ की प्रजाति सीखी, जो आकार में बड़ी, टिकाऊ और आकर्षक होती है. थाईलैंड से लौटते समय वे 25 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाले बीज लेकर आए.

इन बीजों से जब खेती शुरू हुई, तो परिणाम चौंकाने वाले थे. फूल बड़े, टिकाऊ और सुंदर निकले. यही नहीं, उन्होंने अपने खेत से ही बीज और पौधे भी तैयार करने शुरू कर दिए. धीरे-धीरे उन्होंने उत्पादन को बढ़ाकर 6 बीघा और फिर 73 बीघा तक पहुंचा दिया.

देशभर में डिमांड और सोशल मीडिया का जोर-

अरूप के फूलों और बीजों की मांग अब सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रही. गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों से भी ऑर्डर आने लगे. उन्होंने फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए मार्केटिंग शुरू की, जिससे उनकी पहुंच देशभर के किसानों तक हो गई.

2024 में उन्होंने करीब 4 करोड़ पौधे और 1,500 किलो बीज बेचे, जिसमें से एक किलो बीज की कीमत ₹25,000 तक थी. साथ ही, गेंदा फूलों की बिक्री से उन्हें सीजन में ही ₹1-2 करोड़ की आमदनी हुई.

चुनौतियाँ भी थीं लेकिन हार नहीं माना-

फूलों की खेती आसान नहीं होती. बरसात में पानी भराव से फसल खराब होने का डर, धूप की सही मात्रा और कीटों का प्रकोप ये सभी चुनौतियाँ थीं. लेकिन अरूप ने नेचुरल उपायों से इनका हल निकाला. नीम का तेल, हड्डी की खाद और गोबर से बनी खाद का उपयोग कर उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया.

उन्होंने कर्मचारियों को भी खुद ट्रेनिंग दी 10-10 लोगों के बैच में सिखाकर उन्होंने अपने फार्म की टीम तैयार की, जो आज 80 से अधिक लोगों को रोजगार देती है.

अपने साथ और भी युवाओं को किया सशक्त-

अरूप का मानना है कि गेंदा फूल सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए आय का एक बेहतरीन साधन है. उन्होंने कई ऐसे किसानों को ट्रेनिंग दिया है जो पहले गेहूं या धान की पारंपरिक खेती करते थे. अब वे गेंदा की खेती से कई गुना ज्यादा कमा रहे हैं.

आज का अरूप घोष-

आज अरूप 33 साल के हैं और एक सफल उद्यमी किसान हैं. 73 बीघा खेत में लाल, पीले और नारंगी गेंदा फूलों की कई प्रजातियाँ उगाते हैं. उनका साल का टर्नओवर ₹6.35 करोड़ से ₹7.35 करोड़ के बीच है, और औसतन ₹50 लाख प्रति महीने की कमाई होती है.

अरूप घोष की कहानी सिर्फ फूलों की खेती की नहीं है यह जुनून, जोखिम और मेहनत से सफलता की कहानी है. एक ऐसा युवा जिसने कॉलेज की दीवारों के बाहर फूलों के वादियों में जाकर जिन्दगी का सबसे खूबसूरत सबक सीखा.

Leave a Reply

न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें

मखाना बोर्ड :-क्या है आगे की चुनौतियां ?

क्या है यूनिवर्सल पेंशन स्कीम

कॉलेज ड्रॉपआउट से अरबों डॉलर की कंपनी खड़ा करने की कहानी-

आज का चुनाव विभिन्न परिपेक्ष्य में

क्या होता है loan foreclosure , ऐसे बंद कराएं समय से पहले अपना लोन अकाउंट

ADVERTISEMENT

सिर्फ खबर पढ़ें.

ADVERTISEMENT

सिर्फ खबर पढ़ें.

ख़बर वाटिका
लॉगइन/अकाउंट बनाएं

आपकी गोपनीय जानकारी सुरक्षित है। आपका नंबर या ईमेल केवल अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Or Continue With

New to Khabar Vatika? Register Now!