मानसून का समय बहुत ही खुशनुमा होता है. अषाढ़ की गर्मी और तपती धूप के कारण जो पौधें और पेड़ों के पत्तें सूखे जान पड़ते थे वे मानसून में बारिश के कारण फिर से एक बार खिल उठते हैं, मानो उनमें एक जींवत प्राण का संचार हुआ हो. इस मानसून के मौसम में ही चारो ओर हरियाली छा जाती है और मन इन्हीं हरियाली को महसुस कर तरोताजा हो जाता है.लांकि हर दफे मानसून इतना खूशनुमा नहीं होता है. कई बार मानसून के मौसम में ज्यादा बारिश के कारण बहुत सारी गंभीर समस्याएं देखने को लती है. खासकर ज्यादा बारिश के कारण हमारे किसान भाईयों को फसल के बर्बाद होने जाने का ड़र सताते रहता है.कई बार तो फसलें ज्यादा बारिश के कारण खराब हो जाती जिसका नुकसान हमारे किसान भाई को झेलना पड़ता है. ऐसे में हम आपको एक ऐसे सब्जी की खेती के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी खेती कर आप अच्छा मुनाफा कम लागत में कमा सकते हैं. आपको बता दें कि हम भिंडी की खेती की बात कर रहे हैं. बारिश के मौसम में भिंडी की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित होता है.
कृषि जानकार बताते हैं कि भिंडी की फसल कम समय में तैयार हो जाती है. कम लागत और लोकप्रिय सब्जी होने के कारण मार्केट में भिंडी की डिमांड लगातार बनी रहती है जिसके कारण किसान इसकी खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. जानकार बताते हैं कि भिंडी की पैदावार के लिए बरसात का मौसम सबसे बेहतर है. अगर आप भी करने में भिंडी की खेती करना चाहते हैं तो इस खबर को आपको गौर से देखना चाहिए. इस खबर में हम आपको भिंडी की खेती के बारे में जानकारी दे रहें हैं साथ ही साथ हम आपको बता रहे हैं कि भिंडी की खेती से कैसे मुनाफा कमाया जाता है.
क्या कहते हैं किसान-
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश से एक किसान कहते हैं कि जब वे पारंपरिक खेती छोड़कर सब्जियों की खेती की शुरुआत किए थें तो उस समय उनके मन में पैदावार और मुनाफे को लेकर संकोच तो थी लेकिन आज वे सब्जियों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. आज वह दो बीघे जमीन में भिंडी की खेती कर एक फसल पर करीब 80 से 90 हजार रुपए तक मुनाफा कमा रहे हैं.
मुनाफे की पूरी गणित
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसान बताते हैं कि जितना फायदा उन्हें भिंडी की खेती से हुआ उतना फायदा धान और गेहूं से नहीं मिला पा रहा था. एक किसान का कहना है कि इस समय वे दो बीघे में भिंडी खेती कर रहे हैं. जिसमें लागत एक बीघे में 6 से 7 हजार रुपए आती है. यानि की दो बीघे में कुल लागत 12 से 14 हजार रुपए आती है. मुनाफे की बात करें तो 80 से 90 हजार रुपए प्रति बीघा, मतलब कुल मुनाफा 1 लाख 60 हजार रुपए से 1 लाख 80 हजार रुपए तक. तो है ना ये मुनाफे का सौदा?
इस तरीके से होती है भिंडी की खेती-
भिंडी की खेती के लिए सबसे पहले हम खेतों की दो बार जुताई करते हैं. अच्छे से जुताई के बाद हम भिंडी के बीजों को लाइन टु लाइन खुरपी से बुवाई करते हैं. बुवाई के करीब 8 से 10 दिनों के बाद पौधा निकाल आता है. अगर पौधें में अच्छे तरीके से पानी की सिंचाई की गई तो लगभग-लगभग 55-60 दिनों में फसल बन कर तैयार हो जाती है यानि की फसल अब मंडी में बिकने के लायक हो जाती है.