25 वर्षों के अनुसंधान के बाद, ब्राज़ीलियाई वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा विकसित की है जो गंभीर चोटों के बाद रीढ़ की हड्डी के ऊतकों को पुनर्जीवित करने में सक्षम है. यह थेरेपी ऐक्सॉन (तंत्रिका रेशों) की पुनर्वृद्धि को प्रोत्साहित करती है और उस दागदार ऊतक (स्कारिंग) को कम करती है जो आमतौर पर तंत्रिका पुनर्प्राप्ति में बाधा डालता है. प्री-क्लिनिकल परीक्षणों में, इस उपचार से गुजरे जानवरों ने कुछ ही हफ्तों में आंशिक मोटर कार्यक्षमता फिर से प्राप्त कर ली.
यह दवा न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर, छोटे आणविक यौगिकों और बायो-स्कैफोल्ड्स का संयोजन है, जो तंत्रिका की मरम्मत को मार्गदर्शित करते हैं. मनुष्यों पर इस उपचार के सुरक्षा और प्रभावशीलता की जांच के लिए अब परीक्षण चल रहे हैं.
यदि यह सफल होता है, तो यह खोज लाखों लोगों की गतिशीलता को बहाल कर सकती है, पुनर्वास चिकित्सा में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है, और दीर्घकालिक देखभाल पर निर्भरता को कम कर सकती है. यह भविष्य में सेलुलर इंजीनियरिंग और पुनर्योजी जीवविज्ञान को मिलाकर अन्य जटिल चोटों के उपचार के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोलता है.