मानसून समाप्त होने के बाद मार्केट में सब्जियों की डिमांड काफी हो जाती है. सेहत सही रखने के लिए लोग फलों और सब्जियों का सेवन इस मौसम में करते हैं. मानसून के तुरंत बाद का मौसम सब्जी उत्पादन के लिए बेहतरीन होता है. अगर शुरुआती महीनों में सब्जियां बोई जाए तो फसल की अच्छी उत्पादन हो सकती है और किसान इसे मार्केट में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. ऐसे में जो भी किसान सब्जियों की खेती करना चाहते हैं उनके जानकार कुछ सब्जियों की खेती करने का जानकारी दे रहे हैं.
जानकार की क्या है राय
ईटीवी भारत के मुताबिक वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर तेज पाल बिष्ट का मानना है कि किसान मानसून के बाद आने वाले चार महीनों में सब्जियों की खेती कर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं. वे आगे बताते हैं कि इस मौसम में कौन सी सब्जी लगाएं साथ ही उन्होनें सब्जियों के रखरखाव और बीज के चयन के विषय में जानकारी दिया.
इन सब्जियों का करें उत्पादन
प्रोफेसर बिष्ट ने बताया की आने वाले 15 सितंबर से लेकर नवंबर माह तक किसान अपने खेतों में पत्तेदार सब्जी, राई, पालक,मूली,प्याज, लहसुन की खेती कर सकते हैं. इसके साथ ये सीजन गोभी उत्पादन के लिए भी उपयुक्त है. ऐसे में लोग अपनी खेतों, किचन गार्डन में पत्ता गोभी, गांठ गोभी, ब्रोकली का भी उत्पादन कर सकते हैं. सर्दियों में लोग चुस्त-तंदुरुस्त रहने के लिए फल एवं सब्जियों पर खुब जोर देते हैं. ऐसे में पत्तेदार सब्जियों की डिमांड मार्कट में काफी रहती है. यही कारण है किसान इस समय इन सब्जियों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
किचन गार्डन में उगा सकते हैं ताजी सब्जियां
इन सब्जियों को उगाने के लिए जरुरी नहीं है की आपके पास बड़े पैमाने पर खेत हो. कोई भी व्यक्ति इन सब्जियों को अपने किचन गार्डन में भी लगा सकता है. इन सब्जियों की खेती एक नाली भूमि से भी कम जगह पर आसानी से की जाती हैं. प्लास्टिक बैग, गमलों में भी इन सब्जियों को एक साथ लगा सकते हैं और सवाद के साथ-साथ इन ताजी सब्जियों को उगाकर अपनी सेहत भी बरकरार रख सकते हैं.
सही बीज का करें चयन
प्रोफेसर बिष्ट ने बताया कि सब्जियों का बेहतर उत्पादन के लिए जरुरी है आप बेहतर बीजों का चयन करें. उन्होंने बताया कि अच्छे बीज के लिए किसी भी विश्वविद्यालय या आईसीएआर में जाकर बीजों को ले सकते हैं. बताया कि इन दिनों प्राइवेट कंपनियां भी हाइब्रिड बीज बाजार में ला रही है. उनको भी खरीदा जा सकता है. आगे उन्होंने कहा कि बीज के साथ साथ उपचार का भी खास ध्यान रखें. जहां तक संभव हो सके ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग करें. गोबर की खाद सब्जियों के लिए उपयुक्त रहेगी. अगर कोई परेशानी आती है तो किसान अपने पास के कृषि अधिकारी से संपर्क करके सुझाव ले सकते हैं.